Sunday, 16 May 2021

अशोक विश्वकर्मा

 अशोक विश्वकर्मा : राधाकांत विश्वकर्मा के ये दूसरे बेटे हैं. इनका कोई बेटा नहीं है.  

नोट : दौलतपुर सिमरी गांव से जुड़े अपने विश्वकर्मा परिवार की सभी पुरानी और नई जानकारी समेटने की हमारी कोशिश लगातार जारी है. अगर आपको इसमें कुछ भी त्रुटिपूर्ण या जानकारी अधूरी लगती है तो आपसे निवेदन है कि दिए गए ईमेल ( vishwakarmavanshawali@gmail.com ) पर हमें सूचित करें. ताकि संशोधन कर इसे अपडेट किया जा सके.


डॉ. शालिग्राम विश्वकर्मा

 डॉ. शालिग्राम विश्वकर्मा : अपने पिता राधाकांत विश्वकर्मा के सबसे बड़े बेटे हैं. ये पेशे से डॉक्टर हैं. आईएमए यानि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं. वर्तमान में ये छपरा में निवास कर रहे हैं.
इनका एक बेटा है जिसका नाम है :
अंशु कृष्णा     
 

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राधाकांत विश्वकर्मा

राधाकांत विश्वकर्मा : ये ठाकुर विश्वकर्मा के बेटे थे. इनके दादा का नाम काशी विश्वकर्मा था. 
इनके तीन बेटे हुए, जिनके नाम हैं :
शालिग्राम विश्वकर्मा 
अशोक विश्वकर्मा 
नंदन भारती    

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ठाकुर विश्वकर्मा

 ठाकुर विश्वकर्मा : इनके पिता जी का नाम काशी विश्वकर्मा था, वहीं चैतू विश्वकर्मा इनके चाचा थे. लेकिन इनके दादा – परदादा कौन थे ये जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है. 

इनका एक बेटा था, जिनका नाम था :

राधाकांत विश्वकर्मा   


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काशी विश्वकर्मा

काशी विश्वकर्मा : इनके पिता जी के नाम की जानकारी अभी तक नहीं मिल पायी है. लेकिन बताया गया है कि काशी विश्वकर्मा और चैतू विश्वकर्मा दोनों सगे भाई थे.

काशी विश्वकर्मा के एक बेटे थे:
ठाकुर विश्वकर्मा    

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विश्वकर्मा वंशावली 1.4.4 गोरखनंदन विश्वकर्मा

गोरखनंदन विश्वकर्मा : ये रामनाथ विश्वकर्मा के सबसे छोटे बेटे थे. परिवार में चले आ रहे चांदी के पुस्तैनी धंधे से इनका जुड़ाव नहीं था, बल्कि ये वित्त विभाग में नौकरी करते थे. इनका विवाह सुशीला देवी से हुआ था. जिसके बाद इन्हें तीन बेटे और चार बेटियां हुई. 
गांव में इन्होंने अपनी दादी पावित्री देवी ( दादा – धन्नूराम मिस्त्री ) के नाम से बालिकाओं के लिए सरकारी स्कूल खुलवाया. वहीं अपनी पत्नी सुशीला देवी की मृत्यु (साल 2012 ) के बाद 'सुशीला देवी मेमोरियल ट्रस्ट' का गठन कर उसके माध्यम से अपनी माता ब्रह्मावती देवी और पिता रामनाथ विश्वकर्मा के नाम पर BRNV Mahila Inter College खुलवाया. इसके अलावे इन्होंने सूचना का अधिकार मंच की स्थापना कर लोगों के लिए काफी मदद किया करते थे. वहीं अपने समाज को आगे बढ़ाने के लिए भी जीवन भर प्रयत्नशील रहे. इनकी मृत्यु 22 जुलाई 2020 को हो गई.

बेटों के नाम :
राकेश विश्वकर्मा (बबलू) 
मुकेश कुमार गांधी 
ऋषिकेश विश्वकर्मा (चंपक)

बेटियों के नाम :
बेबी विश्वकर्मा 
पूनम शर्मा (डेजी) 
ज्योति शर्मा (डौली) 
पिंकी शर्मा 
   
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Friday, 14 May 2021

विश्वकर्मा वंशावली 1.5.1 राजनाथ विश्वकर्मा

राजनाथ विश्वकर्मा : स्वर्गीय श्यामनाथ विश्वकर्मा के ये एकलौते पुत्र थे जो अपने पारंपरिक पेशे से हट कर बिहार के आरा में लकड़ी का कारोबार करते थे. शहर में इनका अपना आरा मशीन चलता था. इनके दो बेटे हुए, जिनके नाम थे :
बबन विश्वकर्मा 
रहिस विश्वकर्मा
  


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टेका राम मिस्त्री

स्वर्गीय टेका राम मिस्त्री : दौलतपुर सिमरी गांव में विश्वकर्मा परिवार को सबसे पहले बसाने का श्रेय इन्हें ही जाता है. कहा जाता है कि साल 171...